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सावधान : एक खतरनाक और अनैतिक राजनैतिक प्रयोग

Posted On: 18 Dec, 2010 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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हे बुद्धिजीवी भारतीयों………………..

मै एक सामान्य भारतीय हिन्दू हु .. एक हिन्दू संगठन का सदस्य भी हु …मेरे पूर्वजो ने इस देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया ..मैंने भी उसी रास्ते पर चलने की कसम खाई थी और चलता रहा हु अपने जन्म से अबतक बेधड़क ..सभी से कहता रहा हु की राष्ट्र पहले है जाति, धर्म ,भाषा , भेद ,दल बल ….सब बाद में …..अपना भारत अपना हिन्दुस्तान सबसे ऊपर … हा यही तो सिद्धांत था मेरा और मेरे जैसे करोड़ो हिन्दुओ का ……

पर आजकल एक अनजाने भय से ग्रसित हु …… इसी भारत में कही से इंडिया के निर्माण में जी जान से लगे कुछ लोग आकर कहने लगे है की तुम राष्ट्र भक्त नहीं हो बल्कि एक आतंकवादी हो .. राम की बात करते हो रामराज की बात करते हो ,, राष्ट्रवाद की बात करते हो ..तुम लश्कर-ए-तैयबा , अल-कायदा से भी ज्यादा खतरनाक हो … इस देश में राम की बात करना या खुद को हिन्दू कहना राष्ट्र द्रोह है ……..या या शायद उससे भी बड़ा अपराध तभी तो हिन्दू आतंकवाद के बारे में आजकल पूरी दुनिया में कहा जा रहा है ……

ये कुछ युवराज …और उनके सिपाहसालार है जो ऐसा कह रहे है….उन्हें क्या जवाब दू? कैसे उन्हें यकीन दिलाऊ की हिन्दू आतंकवाद उनका ही नया अविष्कार है ?..हम आतंकवादी कैसे? क्या सिर्फ इसलिए की हमारी कुरबानिया परदे में रह गई और उ न्हें नाम मिल गया … या सिर्फ इसलिए की वो शाह है और हम राजनितिक भ्रष्टाचार से निकली आह है ? उन्हें ये अधिकार किसने दे दिया की 80 करोड़ हिन्दुओ को चरित्र प्रमाण पत्र दे …?

कैसे उन्हें यकीन दिलाऊ की हिन्दू आतंकवादी नहीं है ..?

और उन्हें क्यों यकीन दिलाऊ …………????

………………………………………………………………. एक सामान्य भारतीय हिन्दू

———————————————————————————————-

चलते – चलते..

diggi

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32 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Sanjay Dixit के द्वारा
January 26, 2011

निखिल जी , आप को मै इस लेख के लिए एवं इससे पूर्व में लिखे कई अन्य ज्वलंत मुद्दों पर लिखे गए लेखों के लिए आप को धन्यवाद देता हूँ .

Aakash Tiwaari के द्वारा
December 20, 2010

निखिल जी, मै आपसे अपने नवीनतम पोस्ट “बुर्का आजकी हकीकत” पे प्रतिक्रिया की इच्छा करता हूँ….. आपभी इस वाद-विवाद में आमंत्रित है.. आकाश तिवारी http://aakashtiwaary.jagranjunction.com

Aakash Tiwaari के द्वारा
December 20, 2010

निखिल जी, मुझे तो अपने देश की जनता से बहुत शिकायत है की क्या उन्हें ये सब नहीं दिख रहा है,शिकायत एक जिम्मेदार विपक्ष से जो की इनसब मुद्दों पर कांग्रेस को सड़क पर नहीं घसीट पा रही है..आज महात्मा गांधी जी की आत्मा को कितना तकलीफ हो रहा होगा क्योंकि उन्होंने ही तो कहा था..रघुपति राघव राजाराम……….अंतिम सांस लेते समय भी उनके मुह से “राम”शब्द ही निकला था….ये कांग्रेसी नेता सब के सब चोर है……….ले …..थू थू है इनपर थू….. आकाश तिवारी

    nikhil pandey के द्वारा
    December 20, 2010

    आकाश जी वास्तव में आपकी प्रतिक्रिया स्वाभाविक है… गाँधी जी को तो कांग्रेसी केवल तस्वीरों में प्रयोग करते है .. देश की जनता एक दम शांत नहीं है प्रतिक्रियाये हो रही है और बिहार में लालू जैसा हाल केंद्र में कांग्रेस का भी जनता करेगी ……..जहा तक विपक्ष की बात है तो विपक्ष जैसी कोई चीज भारतीय लोकतंत्र में ७० के दशक के बाद नहीं दिखी . . तथाकथित विपक्ष भी नपुन्सको की फ़ौज है .. हर राजनितिक दल एक तरह के संगठित लुटेरे है जो अपने हित के लिए विरोध करते है और फिर अपने हित के लिए ही गले मिल जाते है ,,,.. आपकी अनमोल प्रतिक्रिया मिली इसके लिए आभार

kmmishra के द्वारा
December 19, 2010

राहुल गांधी बिहार बड़ी जल्दी भूल गये । आने वाले चुनावों में उनकी याद्दाश्त और जुबान दोनों दुरूस्त हो जायेगी ।

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    बहुत सही उदाहरण दिया आपने…. भ्राता श्री मुझे लगता है की वो खुद को भारत का भी यूराज मान चुके है तभी ऐसे मनमाने बयान दे रहे है और कल तो उन्होंने खुद ही स्वीकार कर लिया की राजनीति की उन्हें ज्यादा समझ नहीं है …. सोनिया जी को चाहिए की उन्हें कांग्रेस के बटरबाजो से दूर रखे

December 19, 2010

निखिल जी, आपके लेख में एक सच्चे राष्ट्रवादी की आत्मा है और शायद हर सच्चे राष्ट्रवादी के विचार भी ऐसे ही होंगे. बेधड़क अपनी बात कहने के लिए साधुवाद.

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    राजेंद्र जी …. अभिवादन….राष्ट्रवाद आज की सबसे बड़ी जरुरत है अन्यथा ये धोखेबाज नेता हमें आर्थिक साम्राज्यवादी दुनिया का गुलाम बनाकर अमेरिका ब्रिटेन स्विट्जरलैंड में जा बसेंगे ,,,

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
December 19, 2010

गांधी रामराज्य के पक्षधर थे पर यहाँ रोम राज्य की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है………… तैयार रहिए अभी तो शुरुवात ही हैं…………….. आगे आगे न जाने क्या हो……….

    ASHVINI KUMAR के द्वारा
    December 19, 2010

    पियूष भाई कमेन्ट नही जा रहा था ,,निखिल भाई क्या बात है? मै भी उसी कारवां का एक हिस्सा हूँ खालिस हिन्दू ,हिदुस्तानी …..जय भारत

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    सही कहा आपने रोम राज्य की स्थापना का प्रयास किया जा रहा..कभी कभी लगता है मानो सबकुछ प्रायोजित है …. लेकिन जनता भी जाग रही है जैसा की रमेश बाजपेई जी ने कहा की समय आने पर जनता उसका करार जवाब भी दे देती है

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    अश्वनी जी इस कारवां के बढ़ते जाने में ही देश का हित है ….स्वागत है आपका ….

HIMANSHU BHATT के द्वारा
December 19, 2010

और उन्हें क्यों यकीन दिलाऊ …………????…….. बिल्कुल सही कहा आपने…… निखिल जी….. इन नेताओं से कुछ भी उम्मीद करना बेमानी है……

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    भट्ट साहब सही कहा आपने इनसे उम्मीद करना अपना समय बर्बाद करना है अब जरुरत यही है की हम खुद आगे आये और बिहार जैसे परिवर्तन करके भ्रष्टाचारियो को सबक दे

roshni के द्वारा
December 19, 2010

निखिल जी , इन जिमेदार लोगों को ही अकल नहीं की क्या बोलना चहिये क्या नहीं ……ये आतंकवादी की उपादी से जो हम को नवाजा गया है शायद ये हमरे चुप रहने का सहनशील होने का इनाम है ………….. खूब कहा राहुल गाँधी ने उन्हें तो इस खुलासे के लिए हिन्दू धर्म को आंतकवादी घोषित करने के लिए हम सब को मिलकर कुछ ऊपर भेजना चाइये…… सब हिन्दू आतंकवादियों की तरफ से सम्मान पात्र सबके हस्ताक्षर के साथ …..शुक्रिया एक और जख्म में लिए …………..

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    रौशनी जी दुखद रूप से ये सारे तथाकथित जनप्रतिनिधि इतने अवसरवादी है की ये अपनी जिम्मेदारी केवल अपनी पार्टी और वोट तक ही सीमित रखते है राष्ट्र के हितो को भी टाक पर रख देते है इनके लिए…. ऐसा ही कुछ आज केंद्र सरकार कर रही है .. हा ये बढ़िया आपने सुझाव दिया है सबके हस्ताक्षर से भरा सम्मान पत्र जरुर भेजना चाहिए

Preeti Mishra के द्वारा
December 19, 2010

निखिलजी बहुत ही सुंदर लिखा है आपने.कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर मै कुछ भी बोल देते हैं. भारत एक हिन्दुभाशी देश है, हम हिंदू हैं,हमे इस पर गर्व है.लेकिन इस बात की शर्म है कि जिन लोगों को हम चुन कर गद्दी पर बैठाते हैं वो ही हमको आतंकवादी घोषित कर देते हैं.

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    प्रीती जी आपकी अनमोल प्रतिक्रिया के लिए आभार …इन मौकापरस्त लोगो को निश्चित रूप से जवाब दिया जाएगा…. जैसे बिहार में लालू को दिया गया है

Ramesh bajpai के द्वारा
December 19, 2010

निखिल जी राजनीती तो अब दुकानदारी हो गयी है सो चमकाने की कवायद में पता नहीं क्या क्या सिगुफे छोड़ दिए जाते है \आपका चिंतन स्वाभाविक है | लेकिन अब जागरूक जनता समय पर सब याद कर लेती है और करारा जबाब भी दे देती है

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    आदरणीय बाजपेई जी ….. सही शब्द चुना है आपने पर ये दुकानदारी तो अब पुरानी बात हो चुकी है ये ये राजनीतिज्ञ अब दुकानदार नहीं रहे .. ये सब लुटेरे गिरोह हो चुके है ….सब के सब दरिन्दे लुटेरे है …… दुकानदारी तो चारा घोटाले से ही ख़त्म हो गई थी …. २ जी स्पेक्ट्रम घोटाले से तो ये खुलेआम लूट बन चुकी है .. जनता ही जवाब देगी हमारा कार्य है की जनता को इसके लिए जागरूक करना … आभार प्रतिक्रिया के लिए

nishamittal के द्वारा
December 19, 2010

निखिल जी,अपना वास्तविक चरित्र दिखा कर राहुल गाँधी ने अपनी अपरिपक्वता का ही परिचय दिया है.बस आवश्यकता है इस बात की जनता हर देशभक्त हिन्दू का दर्द समझे और बतादे राहुल गाँधी को हिन्दुओं को उनसे प्रमाण पत्र नहीं चाहिए साथ ही समय आने पर उनके इस कथन का उत्तर उन्हें दे.

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    निशा जी सही कहा पर उनकी ये अपरिपक्वता देश के लिए कितनी खतरनाक होगी ये कम से कम कांग्रेस के परिपक्वा लोगो को तो सोचना चाहिए था …. या फिर लगता है कांग्रेस में कोई परिपक्वा बचा ही नहीं है

rajkamal के द्वारा
December 18, 2010

निखिल भाई अगर कुछेक गिनती के उंगलियों पर गिने जा सकने वाले लोग गलत है तों इसका मतलब कदापि नहीं कि देश कि अधिकाँश नागरिक देशद्रोही है …. आप अपनी जगह पर सच्चे है और आपका कहना भी सही है … धन्यवाद

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    आदरणीय राजकमल जी … ये खतरनाक है क्योकि दुनिया जानती है की अपने जन्म से आजतक हिन्दू सहनशीलता की मिसाल रहा है इसकी तुलना लश्कर ए तैयबा से करके राहुल गाँधी ने मुर्खता का परिचय दिया है दूसरी तरफ ये कांग्रेस की राजनीती के स्तरहीन होने का भी संकेत करता है

आर.एन. शाही के द्वारा
December 18, 2010

निखिल जी, सबसे बड़े आतंकवादी आज के ये कांग्रेसी नेता और इनका तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादी सिद्धांत है, जो किसी भी धर्मावलम्बी को उसके स्वाभाविक रूप में जीने देने का पक्षधर नहीं है । कांग्रेस की परिभाषा वाला हिन्दू ही उसके लिये वास्तविक हिन्दू है, और उसीके हिसाब से अपने धर्ममार्ग पर चलने वाला मुसलमान ही वास्तविक मुसलमान है । बापू के बाद की पीढ़ी की कांग्रेस के लिये धर्म और जाति दोनों की परिभाषाएं बदल गईं । साधुवाद ।

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    आदरणीय शाही जी ….कांग्रेस की अब हर परिभाषा बदल गई है लेकिन उसकी नईपरिभाशाये हमें स्वीकार नहीं है ये खतरनाक है …… सच ही कहा आपने देश के लिए सबसे बड़ा खतरा तो इन नेताओं का आतंकवाद है जो की भ्रष्टाचार के रूप में आज अपने विकराल रूप में है और राजनितिक दलाली की जगह खुलेआम लुटेरो ने ले ली है … अनमोल प्रतिक्रिया के लिए आभार

allrounder के द्वारा
December 18, 2010

निखिल भाई, नमस्कार समझ नहीं आ रहा हमारे राजनेताओं को क्या होता जा रहा है, ये किसके बारे मैं क्या बोल दें शायद इन्हें भी नहीं पता होता आजकल !

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    सचिन जी जनता की गैर जागरूकता का लाभ उठा रहे है ये नेता जिस दिन जनता थान लेगी उस दिन ये सब जेल में दिखेंगे….

abodhbaalak के द्वारा
December 18, 2010

Nikhil ji Bahut hi sundar lekh, aaj naye naye vichar sunne ko mil rahe hain, naye taze neta dikh rahe hain, aur neta to bhayya neta hai wo to kuchh na kuchh kahenge hi, aakhir news me rahna hai,

    nikhil के द्वारा
    December 20, 2010

    जी हा दुखद रूप से ये मीडिया भी ऐसे बेहुदे विचारो को भी publish करती है और समाचारों में ये बने रहते है…. नाम हो या बदनामी बस चर्चा में रहो यही तो आजका फंडा है

rajeev dubey के द्वारा
December 18, 2010

डर हमें नहीं डर उन्हें लगने दो खड़े हो जाओ वतन के दीवानों उन्हें बता दो हिन्दुस्तान है यह कोई जागीर नहीं गद्दी हमने ही दी थी, अगली बार सड़क दिखा दो …!

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    December 18, 2010

    राजीव जी … निश्चित रूप से …. अब सबक सिखाने का समय अ गया है …. इस बार सड़क दिखानी पड़ेगी…… अब मुझे लगता है सभी की समझ में आ जाना चाहिए की ये छदम सेकुलर लोमड़िया शेरो की खाल में आज सत्ता पर पहुच गई है और इनका निशाना हिन्दू संगठन नहीं बल्कि हिन्दुस्तान की आत्मा है ….. शर्म आती है की राहुल गाँधी ,दिग्विजय सिंह .. जैसे लोग इस देश की संसद में बैठते है …. इन अधकचरी समझ वाले राजनीतिज्ञ को ये भी पता नहीं की हिन्दू आतंकवाद का जो राग ये पूरी दुनिया को सुना रहे है ..उसे उनकी ही सरकारी एजेंसिया नकार रही है …. इस पर कोई भी पुख्ता सबूत उनके पास नहीं है … और वो विदेशो में इसका रोना रो रहे है … उन्हें ये नहीं पता की वे देश को कितनी बड़ी मुसीबत में धकेल रहे है …. और हिन्दू मुस्लिम समाज में एक दिवार खड़ी कर रहे है … अविश्वाश के जिस बीज को जिन्ना ने बोया था उसमे खाद पानी डाल रहे है ..और ये वृक्ष एक दिन राष्ट्र की ही मिटटी को उखाड़ देगा……….. वोट की राजनीती में इतनी गिरावट कभी देखने को नहीं मिली ..जितनी आज ये सेकुलरवाद के नाम पर दिख रही है… राहुल गांधी राजनीती में कितने अपरिपक्व है ये तो स्पष्ट है ..बेहतर ये होगा की कांग्रेस उनकी ब्रांडिंग करने की जगह भारत को समझने की व्यवस्था करे… विश्व पटल पर एक बुरा सन्देश तो गया ही पकिस्तान को भी एक बड़ा अवसर हाथ लगा है ..और भविष्य में इन कथनों का बुरा प्रभाव हमारे आतंरिक और वाह्य नीतियों पर पड़ेगा .. प्रतिक्रिया के लिए आभार


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