सर झुकाकर आसमा को देखिये ...........

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सम्राट अकबर और कैटरिना की लाल ड्रेस

Posted On: 30 Sep, 2010 में

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(मुन्नी बदनाम हुई…….का कालर टिउन तीन बार बजने के बाद सम्राट अकबर ने गुस्से में फोन उठाया )..कौन है बे ??????????????

जिल्ले इलाही ,बीरबल बोल रहा हु ….(आवाज आई) ,साथ में सवाल भी आया — “” हुजुर का कर रहे थे एतना देर से मुन्नी बदनाम हुए जा रही थी… ३-३ ठो काल किये तब जाके उठाये .. का फैशन टीवी देख रहे थे का”……….ही ही ही ?

बहुत बोल रहे हो बेटा वैसे ये बताओ आजकल कहा गायब हो ..जबसे बी एस एन एल का सिम लिए हो आउट ऑफ़ रेंज हो गए हो … सनसनी में तुम्हारा फोटो भेज दिए है जल्दिये धरते बेटा तुमको ….. और हम का करेंगे बे दादा हमारे सर पे मंदिर मस्जिद खड़ा कर के चले गए , लोग साले मरे जा रहे है और ई ससुरे निउज वाले मजे लिए जा रहे है … वही अयोध्या का फैसला आने वाला है निउज देख रहे थे … उसी में मान सिंह कश्मीर कश्मीर चिल्लाये जा रहे है… खैर चलो बोलो फोन काहे किये?”— अकबर ने गुस्से में कहा , “और हा सुनो कौनो चवन्नी छाप शकील टाइप चुटकुला मत सुनाना बताये देते है .. तुम साले बेकार हो गए हो तुमसे बढ़िया डबल मीनिंग चुटकुला आजकल रिअलिटी शो में 10 -10 साल के बच्चे सुना रहे है .. “- अकबर ने बात पूरी की ,

कमाल करते है पांडे जी मतलब महाराज, का रिअलिटी शो में अटके है तनी रिमोट्वा न्यूइंडिया टीवी पे घुमाइए न गजब का ब्रेकिंग निउज है ” —- बीरबल जोश में बोल पड़े ,

“”काहे ! का हुआ सलीम अनारकली का दिखा रहा है का?– अकबर चिल्ला पड़े ,

नहीं महाराज का आप भी न!,, कटरीना कैफ का देखा रहा है.. कौनो बड़ा खोजी आ प्रतिभाशाली रिपोर्टर है ,,बेचारा ई खबर के लिए बड़ा मेहनत किया है .एक नजर देखिये तो..“‘—- बीरबल ने कहा .

अबे फोन रखोगे तब न देखेंगे,, अरे कोई है???????/ कैटरिना का देखा रहा है .. दरोगा -ए- टीवी ..न्यू इंडिया टीवी लगाओ जल्दी ,हुक्म की तामिल हो…….

( इतना सुनते ही चैनल बदल दिया गया.. सामने लाल ड्रेस में कटरीना कैफ थी .. और नीचे टैग लाइन –’ कटरीना की लाल ड्रेस ने परेशान किया ‘) साथ ही रिपोर्टर की गर्व भरी आवाज गूंजी

“‘ दर्शको को मै बताना चाहता हु की ये ही है वो लाल ड्रेस जिसने कैटरिना को परेशान कर दिया इसमें वे परेशान रही बेचैन रही देखिये हर तरफ से हर एंगल से देखिये कहा कहा उन्हें परेशानी हुई और उन्होंने कहा कहा से ड्रेस को ठीक किया … आपकी जानकारी के लिए हम बता दे की एक नहीं दो नहीं , पुरे 6 बार कैटरिना ने अपनी ड्रेस को ठीक किया . ये हमारी रिपोर्ट देखिये … एक कमर पे , दूसरी बार कंधे पे …तीसरी बार …. गौर से देखिये .. कितनी असहज दिखी कैटरिना ..और ये रिपोर्ट सिर्फ हमारे चैनल पे सबसे पहले… …………..****************************

“”का देखिये देखिये बोल रहा है … साला कुछ अबतक देखईबे नहीं किया बस अपना आ कैटरिना का टी आर पी उड़ा रहा है ससुरा …, अरे महाराज उठिए कश्मीर वाला मुद्दा पे मीटिंग करना है आ नक्सलियों के बारे में बात करने के लिए छेदी सिंह आये है …सेना का निरीक्षण करना है .“” -मान सिंह झल्लाते हुए बोले ,

(अकबर ने उन्हें घुर कर देखा और मानसिंह चुप चाप किनारे सरक लिए और कनखियों से कैटरिना को देखने लगे …रिपोर्टर अभी चालू था )

“” तो देखा आपने किस तरह आज कैटरिना को परेशानी झेलनी पड़ी उन्हें पुरे 6 -6 बार अपनी ड्रेस सही करनी पड़ी .. ये एक बार फिर से देखिये हम घटना की हर पहलु की जांच कर रहे है इसमें उनके ड्रेस डिजाइनर से लेकर सलमान खान की शाजिश जो भी होगा हम आपतक पहुचाएंगे ….कैमरामैन ‘दूरबीन लाल टेलिस्कोप’ के साथ मै ‘एमडी एच तिवारी नमक मिर्चा डाल के‘ .. न्यू इण्डिया टीवी … अभी अभी नई खबर आई है की सोनाक्षी सिन्हा ..रैम्प पे चलते वक्त अचानक गिर पड़ी .पूरी रिपोर्ट कुछ ही देर में हम दिखायेंगे .. ब्रेक के बाद ..

अब मान सिंह से रहा नहीं गया बोल पड़े — “” महाराज कश्मीर पे मंत्रीमंडलीय मीटिंग को चले ?“”

खामोश ……… का मीटिंग मीटिंग लगा रखे हो… यार तुमसे तो ठीक ऊ बीरबल है कम से कम बढ़िया खबर तो देता है पहिले उस ड्रेस डिजाइनर को बुलाओ हम साले का हाथ कटवा देंगे ,और हा.उस रिपोर्टर को हम कल दीवाने आम में रिपोर्टर विभूषण से सम्मानित करेंगे …उसे खबर भेजवा दो.. ….अभी सोनाक्षी की रिपोर्ट देख ले … फिर शकील और सलोनी के चुटकुले सुनेंगे तब मीटिंग .. और सुनो ऊ झंडू बाम वाला गाना चला दो फुल साउंड में अभी ब्रेक हुआ है .–- और एक बात जान लो बेटा अबकी कश्मीर कश्मीर बोले तो एतना छेद करेंगे बॉडी में की कन्फ्यूज हो जाओगे की सांस कहा से ले आ…##########…….. ही हि हि ही

अकबर ने कहा … और मानसिंह चले गए ……………….सामने सोनाक्षी थी और बैक ग्राउंड म्यूजिक मुन्नी बदनाम हुई………. डार्लिंग तेरे लिए …..

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29 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

maynk के द्वारा
November 30, 2010

वाह भाई wah kya likhte hai aap ……………

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    November 30, 2010

    मयंक प्रतिक्रिया के लिए आपका आभार आपको यह व्यंग अच्छा लगा …इससे और लिखने की प्रेरणा मिलेगी….

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
October 2, 2010

आदरणीय निखिल जी प्रणाम ! आपने जिस तरीके से इलेक्ट्रोनिक मीडिया को लताड़ा है ……. वो वास्तव में उसी की पात्र है, और आज प्रेस को हो क्या गया है समझ ही नहीं आता, जब देखिये ये चाटुकारिता में व्यस्त रहते हैं या फिर बेशर्मी से सनसनी फैलाने में , समाचार के नाम पे क्या क्या परोसते रहते हैं ? क्या बताएं ? अच्छे विषय पर तीखे व्यंग के लिए बधाई

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    October 2, 2010

    प्रिय शैलेश जी .. आभार … हर कोई मीडिया के इस रूप और व्यवहार से आहत है ,,

atharvavedamanoj के द्वारा
October 1, 2010

तुम साले बेकार हो गए हो तुमसे बढ़िया डबल मीनिंग चुटकुला आजकल रिअलिटी शो में 10 -10 साल के बच्चे सुना रहे है .. बहुत धाँसू है गुरु …अकबर और मानसिंह के मार्फ़त दिशाहीन होती जा रही वर्तमान भारतीय राजनीती की बखिया उधेड़ कर रख दी है आपने…एक लाजबाब व्यंग …जय भारत,जय भारती

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    October 2, 2010

    जय भारत , जय भारती मनोज जी . सराहना के लिए आभार

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
October 1, 2010

मजाक मजाक में ही आइना दिखा दिया है मीडिया को………… अच्छा व्यंग…………. बधाई…….

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    October 2, 2010

    पियूष जी धन्यवाद सराहना के लिए

Dharmesh Tiwari के द्वारा
October 1, 2010

नमस्कार निखिल जी,……..पहिले उस ड्रेस डिजाइनर को बुलाओ हम साले का हाथ कटवा देंगे ,और हा.उस रिपोर्टर को हम कल दीवाने आम में रिपोर्टर विभूषण से सम्मानित करेंगे …उसे खबर भेजवा दो.. ….अभी सोनाक्षी की रिपोर्ट देख ले……..भाई साहब ब्यंग को आपने इस कदर तराशा है की मज़ा आ गया,बधाई

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    October 2, 2010

    धर्मेश जी आपको व्यंग पसंद आया .. और आपने अमूल्य प्रतिक्रिया दी उसके लिए आभार

दीपक जोशी DEEPAK JOSHI के द्वारा
October 1, 2010

प्रिय श्री निखिल पांडे जी, जैसा की आप कह रहें है कि यह आप का पहला व्‍यंग है, पर भाई विश्‍वास नहीं होता, किन्‍तु यह भी एक सत्‍य है कि दिल के दबे दर्द कई बार कलम उठाने को मजबूर हो जाते है। भई आप ने एक व्‍यंग तीर से कितनो को घायल कर दिया। बहुत ही अच्‍छी रचना के लिए बधाई। http://deepakjoshi63.jagranjunction.com‍

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    October 2, 2010

    आदरणीय जोशी जी … सराहना रुपी आशीष के लिए आभार .. वास्तव में मजबूर होकर ही व्यंग लिखने के लिए कदम उठाई थी पर अब सारी प्रतिक्रियाओ से लगता है की व्यंग वास्तव में बढ़िया लिखा गया है ..

NIKHIL PANDEY के द्वारा
September 30, 2010

मित्रो वास्तव में मै व्यंग्यकार नहीं हु .. और यह मेरा पहला व्यंग है ..जो हद तक बढे गुस्से का परिणाम है ..मिडिया की टी आर पी की दौड़ के बाद जो उसका नया स्वरुप देखता हु उससे एक अजीब सी चिढ मन में बन चुकी है इस वजह से अब न्यूज़ चैनल देखना बड़ा सर दर्द हो चूका है और मिडिया पर लिखना तो और भी ज्यादा मुश्किल… २ दिन पहले चैनल बदलते वक्त अचानक इंडिया टीवी पे कैटरिना को देखा तो अकबर बादशाह की तरह मै भी रूक गया और देखने लगा .. उस समय एक महत्वपूर्ण कार्य करना था मुझे ..पर देखने में लग गया … आधे घंटे तक उस रिपोर्टर ने कैटरिना और उनकी ड्रेस के परेशानी की जो रिपोर्टिंग दिखाई उसे देख कर सर पीट लिया मैंने .. यकीं ही नहीं हो रहा था की क्या इतनी घटिया रिपोर्टिंग भी हो सकती है क्या मीडिया को इस विशाल विश्व और अरबो की आबादी में और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं दिखा .. ऐसी रिपोर्ट क्या सोच कर दिखाई जाती है … एक महिला अगर अपने कपड़ो में कही असहज है तो क्या इस तरह से उसे सार्वजनिक रूप से बेहुदे तरीके से दिखाना उचित है .की वह कहा कहा से अपनी ड्रेस ठीक कर रही है कितनी बार ठीक कर रही है .. गुस्सा बहुत ज्यादा था .. खुद पे क्योकि ऐसी वाहियात रिपोर्टिंग में मैंने अपने ४० मिनट बर्बाद कर दिए ..इस लिए व्यंग में बात कही… ..

    kanchan के द्वारा
    October 1, 2010

    सही कहा निखिल भाई आपने, अच्‍छी बात यह है कि हम-आप जैसे लोगों के दिल में उठ रहा दर्द एक मंच पर झलक रहा है। कहते खुद को न्‍यूज चैनल हैं और दिनभर उटपटांग सिरीयलों का ट्रेलर दिखाते रहते हैं। शायद इन्‍हें देश के बुनियादी मुद्दे नही दिखायी देते क्‍योंकि अपना और परिवार का पेट पालने के लिए दस साल की उम्र में साइकिल की दुकानों में पंक्‍चर बना रहे बच्‍चे इन्‍हें टीआरपी नहीं दे सकते। इतने बडे देश और इतना विस्‍तृत समाज में चैनल दिखाने के लिए खबर न जुटा सकें तो धन्‍य है उनकी पत्रकारिता।

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    October 1, 2010

    कंचन जी जिस बात से व्यथित होकर मैंने यह लेख लिखा .. उसे आपने बखूबी समझा ..आपका आभार …ये मानसिक शोषण कर रहे है जनता का… लगता है मानो बाजार में सब्जी बेच रहे है … चिल्ला चिल्लाकर …………….आपकी सटीक प्रतिक्रिया और व्यंग की गंभीरता को समझने के लिए धन्यवाद

roshni के द्वारा
September 30, 2010

मीडिया को तो इसी तरह सबक सिखाना चहिये……. मीडिया पर बढ़िया व्यंग निखिल जी .. बहुत बहुत बधाई

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    रौशनी जी बहुत बहुत धन्यवाद आपकी सराहना के लिए

Arvind Pareek के द्वारा
September 30, 2010

प्रिय श्री निखिल जी, सम्राट अकबर के दरबार से या कहें महल से खबर निकाल कर आपनें तो मीडिया वालों को भी मात दे दी । एक अच्‍छी रचना के लिए बधाई । अरविन्‍द पारीक http://bhaijikahin.jagranjunction.com

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    आदरणीय पारीक जी ,, चाहता नहीं हु मीडिया पर लिखना पर कभी कभी मजबूरी हो जाती है या यु कहिये की मीडिया मजबूर कर देती है .. सराहना के लिए आभार

kmmishra के द्वारा
September 30, 2010

निखिल जी झकास हास्य लिखा आपने । मीडिया पर भी और हमारे वर्तमान अकबर और बीरबल पर भी । आभार ।

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    मिश्र जी प्रणाम ..व्यंग्य तो पहली बार लिखा है मैंने … क्या करू गुस्सा कुछ ज्यादा ही आ गया था .. पहले ही व्यंग पर आपकी इस जबरदस्त प्रतिक्रिया से प्रेरणा मिलेगी मुझे . आभार

Soni garg के द्वारा
September 30, 2010

इस इलेक्ट्रोनिक मिडिया ने वास्तव मैं खबरे कम और तमाशे ज्यादा दिखाना ही अपना धर्म समझ लिया है !

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    सोनी जी सही कहा आपने .. अब तो इस तमाशे से खीज होने लगी है … क्या नौटंकी है.. मनोरंजन के नाम पर .. समझ में नहीं आता ……..मिडिया अपने धर्म से भटक गया है ये तो सत्य है

आर.एन. शाही के द्वारा
September 30, 2010

आज के मीडिया ट्रेंड को आड़े हाथों लिया है निखिल जी … बधाई ।

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    सर प्रणाम…. आज का ये मीडिया ट्रेंड .. मानसिक शोषण करने वाला है दर्शको का… रिपोर्टिंग एक तरह की बनावटी कला लगने लगी है इसलिए उबाऊ लगती है .. प्रतिक्रिया के लिए आभार

chaatak के द्वारा
September 30, 2010

प्रिय निखिल जी, बेहतरीन हास्य पर बहुत बहुत बधाई!

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    चातक जी ..आपका बहुत आभारी हु आपने अपनी प्रतिक्रिया के योग्य समझा …….

Ramesh bajpai के द्वारा
September 30, 2010

खामोश ……… का मीटिंग मीटिंग लगा रखे हो… यार तुमसे तो ठीक ऊ बीरबल है कम से कम बढ़िया खबर तो देता है पहिले उस ड्रेस डिजाइनर को बुलाओ हम साले का हाथ कटवा देंगे ,और हा.उस रिपोर्टर को हम कल दीवाने आम में रिपोर्टर विभूषण से सम्मानित करेंगे …उसे खबर भेजवा दो.. ….अभी सोनाक्षी की रिपोर्ट देख ले … फिर शकील और सलोनी के चुटकुले सुनेंगे तब मीटिंग .. और सुनो ऊ झंडू बाम वाला गाना चला दो फुल साउंड में निखिल जी बहुत बहुत बधाई . वास्तविकता को व्यंग्य के रूप में सामने लाने के लिए

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    September 30, 2010

    आदरणीय बाजपाई जी ….. आपका आभार उत्साहवर्धन के लिए और मेरे पहले व्यंग पर पहली प्रतिक्रिया देने के लिए


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