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राष्ट्रीय खेल के नाम पर दे-दे बाबा

Posted On: 14 Jan, 2010 Others में

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कल मैंने एक बच्चे से पुछा हमारा राष्ट्रीय खेल क्या है? तो उसने बहुत तेजी से जवाब दिया ..क्रिकेट,मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ,और आज जो भी तमाशा हाकी को लेकर हो रहा है,उसे देखकर मन में आया की क्यों न हम अपना राष्ट्रीय खेल ही बादल दे कम से तो कम ये शर्मिंदगी तो नहीं होगी,सुनने में ये बात अटपटी लगेगी पर कुछ दिनों से जो घमासान मचा है उसे देखकर तो मन में यही आता है की हमारी आने वाली नस्ले कही हमारा राष्ट्रीय खेल न भूल जाये,

इस सारी घटना से एक बात तो समझ में आ गई है, और वो ये है की देश में राजनीती से बढ़कर कुछ भी नहीं है ,और राजनीती को आज का बाजार चला रहा है ,बाजार क्रिकेट का है तो जोर क्रिकेट पर ही है …मन में आया के ये सवाल हाकी संघ के अधिकारियो से पुछु की क्या आप बिना वेतन के देश के नाम पर हाकी के लिए थोडा वक़्त निकाल सकते है, या क्या हमारे संसद विधायक जी बिना किसी आर्थिक लाभ के देश के लिए संसद और विधान सभाओ में जा सकते है , …(जवाब आप सभी जानते होंगे )…….. तो आखिर खिलाडियों को सारी देश भक्ति क्यों सिखाई जा रही है …

क्रिकेट को राजयोग और हाकी को जोग,
क्रिकेट में अरबो के वारे न्यारे और हाकी को देश भक्ति के नारे,
अरे वाह रे…….

एक सवाल आपसे -
वो टीम जिसके खिलाडी अपने वेतन और भत्ते के लिए संघर्ष कर रहे हो क्या आप पदक जितने की उम्मीद कर सकते है….

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Manoj के द्वारा
January 14, 2010

बिल्कुल ठीक कहा आपने . मेरा भी यहीं ख्याल है कि अगर हाकी को इसका सम्मान नहीं मिल सकता तो हमारी सरकार को राष्ट्रीय खेल को बदलकर क्रिकेट कर देना चाहिए ताकि हाकी को राष्ट्रीय खेल कहने में हमें शर्म महसुस न हो.

    nikhil pandey के द्वारा
    March 28, 2011

    सही कहा सर .प्रतिक्रिया के लिए आभार

Ram Kumar Pandey के द्वारा
January 14, 2010

वाह निखिल जी, बहुत बढ़िया . क्या धौल जमाया है. हाँ भाई जब क्रिकेट के खिलाड़ी हर मौज-मजा कर रहे हैं तो हाकी वाले क्यों खाली पेट खेलें. उन्हें भी हक़ है अपने को सेलेब्रेटी बनवाने का. और अगर वे सेलेब्रेटी नहीं बन पा रहे हैं तो कम से कम उन्हें वेतन व भत्ते तो दे ही देना चाहिए.

    NIKHIL PANDEY के द्वारा
    January 14, 2010

    bhaiya bahut bahut dhanyawaad aapke comments kahi mera man rakhne ke liye to nahi hai na bahut darte darte blog likha hai.


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